Wednesday, October 21, 2020

दैनिक प्यारी दुनिया के पत्रकार आकाश यादव के पिता पर अज्ञात लोगों ने हमला

दतिया——- दैनिक प्यारी दुनिया के पत्रकार आकाश यादव के पिता पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। हमले में बुरी तरह घायल पत्रकार के पिता अनंत सिंह यादव को इलाज के लिए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जहां एक ओर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है वहीं, दूसरी ओर पत्रकारों से जुड़े संगठनों ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकार आकाश यादव राजघाट कॉलोनी में रहते हैं वे कारस देव मंदिर पूजा अर्चना के लिए गए थे। लौटते समय राजघाट कॉलोनी के गेट पर रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने पत्रकार के पिता पर हमला कर दिया और पत्रकार आकाश यादव के पिता की कट्टे के बट एवं लाठियों से पिटाई शुरू कर दी। हमला करने वालों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था इसके चलते फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पाई। हमले की वजह भी साफ नहीं है। समस्त पत्रकार संगठन ने हमले की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से अपराधियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है।
https://gwaliortimes … 20/10/blog-post.html

सोशल मीडिया पर प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति, आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

सोशल मीडिया और वेबसाइट पर चुनावी प्रचार के लिये भी अनुमति लेनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने माना है कि सोशल मीडिया और वेबसाइट भी रेडियो-केबल टीव्ही की तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया हैं। जिस पर किए जाने वाले चुनाव प्रचार को कानूनी रूप में विनियमित करना आयोग का अधिकार है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले चुनावी प्रचार का खर्चा संबधित प्रत्याशी के खाते में शामिल करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों से भी कहा है कि बिना अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग चुनावी प्रचार में न करें।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों में साफ किया गया है कि सोशल मीडिया मसलन ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, विकीपीडिया और एप्स पर कोई भी विज्ञापन या एप्लीकेशन देने से पहले इसका प्रमाणीकरण कराकर विधिवत अनुमति ली जाए। यह अनुमति मीडिया सर्टिफिकेशन ऑफ मॉनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) देगी। इसके लिये राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा।
सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले विज्ञापन का खर्चा भी राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी के चुनावी खर्च में शामिल होगा। चुनावी खर्चे में उन व्यक्तियों एवं टीम के वेतन व भत्ते भी शामिल होंगे, जो उम्मीदवार या राजनैतिक दल का सोशल मीडिया एकाउण्ट या वेबसाइट संचालित करने का काम करते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता पूरी तरह से लागू रहेगी। साथ ही वेबसाइट और सोशल मीडिया एकाउण्ट पर पोस्ट की जाने वाली सामग्री इसके अधीन रहेगी।
खास बातें-
सोशल मीडिया पर विज्ञापन पोस्ट करने से पहले निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर लेनी होगी विधिवत अनुमति।
सोशल मीडिया पर दी जाने वाली प्रचार सामग्री पर भी आचार संहिता लागू रहेगी।
राजनैतिक दल या उम्मीदवार की ओर से वेबसाइट और एकाउण्ट संचालित करने वाले टीम के वेतन व भत्ते का खर्च भी उसके चुनावी खर्चे में जुड़ेगा।
ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, विकीपीडिया और एप्स पर चुनावी विज्ञापनों पर रहेगी कड़ी नजर।

केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम का उल्लंघन करने पर जप्त होगे ऑपरेटर के उपकरण

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा केबल टेलीविजन नेटवर्क के जरिये किये जाने वाले विज्ञापनों के प्रसारण के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशानुसार केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 तथा इसके उपबंधों के अनुसार निर्धारित विज्ञापन संहिता के अनुरूप न पाये जाने वाले विज्ञापनों का प्रसारण केबल सेवा के माध्यम से नहीं किया जा सकता। इसका उल्लंघन पाया जाता है तो प्राधिकृत अधिकारी द्वारा केबल ऑपरेटर के उपकरण को जप्त किया जा सकता है। राजनैतिक विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों द्वारा अधिप्रमाणित राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण ही केबल नेटवर्क के माध्यम से किया जा सकता है। केबल ऑपरेटर्स द्वारा संचालित लोकल न्यूज चौनल्स पर पेड न्यूज की निगरानी रखने के निर्देश भी दिये गये हैं।

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