Friday, October 23, 2020

अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की हत्या, 8 लोगों के परिवार में अकेले कमाने वाले थे अशरफ भट्ट

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में बीते सोमवार को पुलिस अधिकारी अशरफ भट्ट की आतंकियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। बता दें कि अशरफ भट्ट अपने परिवार में कमाने वाले इकलौते व्यक्ति थे, जिसके बाद अशरफ भट्ट के परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। भट्ट की आतंकियों द्वारा उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह बिजबेहड़ा के संदपोरा कनेलवान इलाके में स्थित मस्जिद में शाम के वक्त नमाज पढ़कर अपने घर लौट रहे थे।

कनेलवान गांव के निवासी अशरफ भट्ट के परिवार में पत्नी तीन बच्चे, माता-पिता, दो छोटे भाई और एक बहन शामिल हैं। अशरफ के पिता किसान हैं और उनके दोनों भाई अभी तक बेरोजगार हैं। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, भट्ट के चचेरे भाई ने बताया कि “उन्हें नहीं पता कि अशरफ भट्ट को क्यों मारा गया। हत्यारों को इससे क्या मिलेगा। हर गुजरते दिन के साथ कश्मीर में पुलिसकर्मियों के साथ हैवानियत बढ़ती जा रही है। उन्हें कश्मीर का नागरिक या बेटा नहीं समझा जाता है।”

भाई ने बताया कि अशरफ भट्ट ने 22 साल पहले पुलिस फोर्स ज्वाइन की थी। इस दौरान उन्होंने शुरू के दो साल ही कानून व्यवस्था संबंधी ड्यूटी की और उसके बाद वह पर्यटन और ट्रैफिक विभाग में तैनात रहे। फिलहाल वह पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, लेथपोरा अवंतीपुरा में तैनात थे।

शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और उन्हें किसी तरह की कोई धमकी भी नहीं मिली थी। अशरफ भट्ट के साथ काम करने वाले उनके साथियों ने बताया कि अशरफ काफी धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे लेकिन काम के मामले में भी उतने ही प्रोफेशनल थे और ट्रेनिंग करने वाले ट्रेनियों के बीच भी खासे लोकप्रिय थे। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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