Thursday, November 12, 2020

चोरी का शातिराना अंदाजा:दिन में सवारी छोड़ते समय ऑटो चालक रैकी करते थे; रात को घर में घुसकर करते थे चोरी

chori_1605181554.jpg भोपाल , 12 नवम्बर राजधानी में 19 और 20 साल के दो दोस्तों ने ऑटो की मदद से चोरी करने का नया तरीका निकाला।आरोपी दिन के समय सवारी को गंतव्य तक छोड़ते समय रैकी कर लेते थे। उसके बाद रात को घर पर धावा बोलकर चोरी करते थे। आरोपी मुख्य रूप से मोबाइल और सोने-चांदी के जेवर पर नजर रखते थे। आरोपियों ने सवा महीने में दो से अधिक ठिकानों पर चोरी कर 4 लाख रुपए से अधिक का माल उड़ा लिया। आरोपी चोरी का माल बेचते पकड़े गए।

ASP राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मिसरोद पुलिस को गुरुवार दोपहर इंडस टाउन मार्केट के पास दो युवकों द्वारा सोने-चांदी के जेवरात औने-पौने दाम में बेचने की फिराक में घूमने की सूचना मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी भागने लगे। घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

उनके पास से सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में उन्होंने चोरी करना कबूला। आरोपियों की पहचान सतलापुर मंडीदीप निवासी नीलू उर्फ नीलेश उर्फ महेश (20) और गोलू उर्फ फूल सिंह मांझी (20) के रूप में हुई है। उन्होंने बंगरसिया और समरधा में चोरी करना बताया। उनके पास से 6 मोबाइल फोन और ढाई लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर जब्त किए।

बाहर की सवारी होती थी टारगेट

नीलू ने बताया कि वे दिन में ऑटो चलाते थे। कम रुपयों में सवारी बैठा लेते थे। वे बाहर की सवारी देखते थे। इसमें भी मुख्य रूप से ऐसी सवारी को देखते थे, जो किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हों। वहां पहुंचकर वे सवारी को छोड़कर कुछ देर रुकते थे। दूसरी सवारी के इंतजार के बहाने वहीं रुक जाते थे। रैकी करने के बाद चले जाते थे। इसके बाद रात में वहां चोरी करने पहुंच जाते थे।

मध्यप्रदेश में दो घंटे ही आतिशबाजी:दीवाली पर रात 8 से 10 चलेंगे पटाखे; छठ पूजा, क्रिसमस और नए साल में भी बंदिश रहेगी, अधिकतर कलेक्टरों ने लागू की धारा 144

भोपाल में अब दीपावली और अन्य त्यौहार के दिन सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी। भोपाल कलेक्टर ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शहर में वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इस कारण राजधानी में अब सिर्फ 2 घंटे ही पटाखे चलाए जा सकेंगे।

यह आदेश सिर्फ दीपावली के लिए ही नहीं है, बल्कि दीपावली के साथ अन्य त्यौहारों जैसे छठ पूजा, क्रिसमस और नव वर्ष की रात पर भी लागू रहेगा। हालांकि दो दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया था कि प्रदेश में खुशियों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। प्रदेश वासी दिल खोलकर पटाखे चला सकेंगे।

पहले रात 11:00 बजे के बाद होती थी कुछ पाबंदी

अभी तक दीपावली पर रात 11 बजे के बाद आतिशबाजी पर कुछ पाबंदी की जाती थी। इसमें कहा गया था कि जोर से आवाज करने वाले पटाखे रात 11 बजे के बाद नहीं चलाए जाएंगे। इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी थाना पुलिस को दी गई थी, हालांकि यह आदेश बेअसर ही साबित हुआ था

एनजीटी के आदेश का उल्लेख किया गया है

कलेक्टर अविनाश लवानिया ने धारा 144 के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए इस आदेश को जारी किया है। इस आदेश में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) नई दिल्ली द्वारा पारित 9 नवंबर के आदेश का हवाला दिया गया। जिसमें कहा गया है कि प्रदूषण में वायु की क्वालिटी को देखते हुए आतिशबाजी पर रोक लगाई जाए, जहां पर वायु की गुणवत्ता अत्यधिक खराब है।

मध्यप्रदेश में प्राइमरी स्कूल अभी बंद रहेंगें :पैरेंट्स अभी तैयार नहीं, 30 नवंबर तक नहीं लग सकेंगी पहली से 8वीं तक की क्लास

मध्यप्रदेश में पहली से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूल 30 नवंबर तक अभी बंद ही रहेंगे। मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल, केंद्र सरकार की अनलॉक-5 की गाइडलाइन में 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने की बात कही थी, लेकिन इसका निर्णय प्रदेश सरकार पर छोड़ा था। उसके बाद प्रदेश में सभी 15 नवंबर तक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया था। हालांकि कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं की क्लास पहले के आदेश की तरह ही संचालित होंगी।

उप सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को 15 अक्टूबर से खोलने की अनुमति दे थी, लेकिन आखिरी फैसला राज्यों को लेना था। इसे देखते हुए पहले 15 नवंबर तक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब कोविड-19 को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया है। अभी की स्थिति में 30 नवंबर तक स्कूल नहीं खोले जाने का फैसला किया गया है। संक्रमण के कारण राज्य में पहली से 8वीं तक के बच्चों के लिए फिलहाल स्कूल बंद ही रहेंगे। 9वीं से 12वीं तक की क्लास आंशिक रूप से वर्तमान स्थिति में चलेंगी। इसके लिए सरकार द्वारा जारी कोविड की गाइडलाइन का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा।

21 सितंबर से आंशिक तौर पर स्कूल खुले

प्रदेश में 21 सितंबर से सीमित संख्या में स्टूडेंट्स के लिए 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोला गया है। 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए आंशिक रूप से चल रही हैं। स्कूलों में कोविड-19 एसओपी का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। हालांकि अभी अधिकांश निजी स्कूल बंद हैं।

पालक नहीं थे तैयार

जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना के अनुसार 132 राजकीय स्कूलों के 40 हजार में से सिर्फ 5000 पालकों ने ही बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही थी।

कांग्रेस की समीक्षा बैठक:कमलनाथ ने कहा - जो कहते हैं, मैं एमपी छोड़ दूंगा तो वे सुन लें.. हम 2023 का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे ( दैनिक भास्कर से )

digvijay-kamalnath_1605101322.jpg उपचुनाव में हुई हार की समीक्षा बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैं हार के बाद मध्य प्रदेश छोड़ दूंगा, तो वे सुन लें.. हम 2023 का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव नजदीक हैं, जिसमें पूरी तैयारी के साथ जनता के बीच जाएंगे। उन्हाेंने आगे कहा, मैंने1 मई 2018 को जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला था, मेरे सामने संगठन को मजबूत करने की चुनौती थी। सामने चुनाव थे।

कमलनाथ ने कहा कि 15 साल से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं थी। कांग्रेस का झंडा हाथ में थामे रखने वाले हाथ में लेकर चल रहा कांग्रेस का कार्यकर्ता आशा कर रहा था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आए। मुझे सरकार में काम करने के लिए केवल 11 माह का वक्त मिला। इस दौरान मैं कई चुनौतियों से गुजरा हूं। किसानों की कर्जमाफी, युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश में निवेश लाना प्राथमिकता रही।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जब मैंने सीएम पद से 20 मार्च को इस्तीफा दिया, तो मेरे सामने दो रास्ते थे। पहला - मैं सब छोड़कर चले जाऊं। दूसरा- यहीं रहकर प्रदेश की जनता की सेवा करूं। मैंने तय किया कि मैं यहीं रहकर प्रदेश की जनता की सेवा करूंगा, कांग्रेस जनों को अकेला नहीं छोडूंगा।’
हार की समीक्षा कर रिपोर्ट दें

उन्होंने उम्मीदवारों और जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे उप चुनाव में हुई हार का विश्लेषण करें और रिपोर्ट सौंपें। दीपावली के बाद एकबार फिर बैठक कर मंथन किया जाएगा। बैठक में पूर्व मुख्यमंंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि सिंधिया के जाने के बाद हम ग्वालियर- चंबल में 16 में से 7 सीटें जीते हैं।

सिंधिया के काम का प्रेशर बनाते थे रिटायर्ड आईएएस अफसर

कमलनाथ ने कहा कि ‘सरकार में रहते मुझ पर सिंधिया का काम करने के लिए चार रिटायर्ड अफसरों का प्रेशर रहता था। वे हमेशा वल्लभ भवन में रहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि सिंधिया समर्थकों द्वारा सरकार गिराने के षडयंत्र की हर मूवमेंट की जानकारी थी। उन पर छापे डलवाने विधायकों का दबाव मुझ पर था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि बदले की भावना मेरे डीएनए में नहीं है।

ये नेता बैठक में रहे मौजूद

बैठक में कमलनाथ-दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह के अलावा विधायक, जिला अध्यक्ष और उपचुनाव जीते और हारे उम्मीदवार शामिल रहे।

Admin area

Last 10 entries

No new comments

  • No comments

Calendar