Friday, November 20, 2020

मध्यप्रदेश में नहीं लगेगा लॉकडाउन : मुख्यमंत्री चौहान , कक्षा 9 से 12 को छोड़ सभी स्कूल और कालेज अगले आदेश तक बंद रहेंगें

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कोविड-19 की रोकथाम के संबंध में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

प्रदेश में कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष किसी भी जिले, शहर, क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जायेगा।

अन्तर्राज्यीय एवं अन्तरजिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा।

अधिक संक्रमण के जिलों इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम एवं विदिशा में 21 नवम्बर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे तथा नागरिक अति आवश्यक होने पर ही इस अवधि में आवागमन कर सकेंगे।

औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी।

कक्षा 1 से 8वीं तक के समस्त स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं तथा कॉलेज के छात्र-छात्राएँ विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप गाइडेंस के लिए स्कूल/कॉलेज आ सकेंगे।

फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेसेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जायेगा।

प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवम्बर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवम्बर तक समस्त जिला कलेक्टर विवाह/सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति की अधिकतम सीमा क्या तय की जाए और जिले में कौन-कौन से कन्टेनमेंट जोन बनाए जाएंगे का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेंगे।

जरूरी है मास्क का उपयोग, इसमें ढिलाई बरती तो लगेगा जुर्माना
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की कोरोना की स्थिति की समीक्षा

भोपाल : शुक्रवार, नवम्बर 20, 2020, 19:30 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर कोरोना की स्थिति के संदर्भ में सुझाव प्राप्त किए जाएं। प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए। इस मामले में ढिलाई बरतने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति को गत आठ माह में नियंत्रित रखते हुए सर्वोत्तम प्रबंधन किए गए और प्रदेशवासियों ने भी सहयोग देते हुए जागरूकता का परिचय दिया, राज्य सरकार जागरूकता प्रयासों को निरंतर जारी रखेगी। अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो और कोरोना भी नियंत्रित रहे, इस संतुलन को बनाए रखा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल कमाण्ड सेंटर सक्रिय रहें और आइसोलेशन के रोगियों की समुचित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल और इंदौर में कल अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आए पॉजीटिव प्रकरणों से चितिंत होकर प्रदेश में कोरोना के संबंध में आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता के प्रयास निरंतर हों। आमजन को संदेश पहुंचाने के लिए कलेक्टर्स अभिनव प्रयास भी कर सकते हैं। उद्घोषणा द्वारा लोगों को शिक्षित करने का कार्य भी किया जाए और परिवारों के स्तर पर यह प्रयास हों कि बुजुर्ग लोग घरों से अधिक बाहर न निकलें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जागरूकता प्रयासों में एनजीओ भी सहयोग करें। विवाह समारोह और सांस्कृतिक गतिविधियां सीमित संख्या की भागीदारी में हों और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन नगरों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आएंगे वहां रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया जा सकता है। छोटे कंटेनमेंट क्षेत्र बनाकर गंभीर स्थिति वाले क्षेत्रों में एहतियात बढ़ाई जा सकती है। आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही करने वाले ट्रांसपोर्ट को भी नहीं रोका जाएगा। अर्थव्यवस्था की गति को कायम रखते हुए सिर्फ इसलिए सावधानी के प्रयास बढ़ाए जा रहे हैं ताकि कोरोना का प्रसार न हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औद्योगिक संगठनों की गतिविधियां भी यथावत रहें। श्रमिकों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी। शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत कक्षा एक से आठ की कक्षाएं आगामी आदेश तक नहीं लगेंगी। महाविद्यालय भी अभी बंद रहेंगे। कक्षा नौ से बारह के विद्यार्थी एवं कॉलेज के विद्यार्थी विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप मार्गदर्शन के लिये स्कूल/कॉलेज आकर शिक्षण व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। सिनेमाघर अभी पूर्व व्यवस्था के अनुसार 50 प्रतिशत दर्शक संख्या के साथ संचालित हो सकते हैं।

बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ. संजय गोयल, सचिव मुख्यमंत्री श्री एम.सेलवेन्द्रन, संचालक जनसंपर्क श्री आशुतोष प्रताप सिंह उपस्थित थे।

राज्य का रिकवरी रेट 93 प्रतिशत

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज विस्तारपूर्वक समीक्षा में प्रदेश में कोरोना की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसी भी जिले में ऑक्सीजन की कमी न हो, बेड भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों, होम आइसोलेशन की सुचारू व्यवस्था हो। टेस्टिंग क्षमता के लक्ष्य पूरे हों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-भाड़ न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश कोरोना के एक्टिव रोगियों की संख्या की दृष्टि से देश में 15वें स्थान पर है। राज्य का रिकवरी रेट 93 प्रतिशत है। वर्तमान में 15 हजार टेस्ट रोजाना हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल और इंदौर कलेक्टर से इस सप्ताह पॉजीटिव रोगियों की संख्या के संदर्भ में चर्चा की और उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। कलेक्टर इंदौर ने बताया कि रात्रि में लोगों के अनावश्यक मूवमेंट को रोकने के प्रयास बढ़ाएंगे। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि व्यापारी संघों से चर्चा हो रही है। वे मार्केट को स्वैच्छिक रूप से जल्दी बंद करवाने के लिए सहमत हैं। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि आमजन द्वारा पिकनिक और आउटिंग जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जा रहा है। वृद्धजन के निवास पर बने रहने की समझाईश परिवारों को दी जा रही है। कलेक्टर ग्वालियर ने बताया कि गंभीर प्रकरण अधिक न होने पर भी जागरूकता की गतिविधियां चल रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने होम आइसोलेशन रोगियों की देखरेख के संबंध में भी कलेक्टर्स से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि आर्थिक गतिविधियों के संचालन को प्रभावित किए बिना कोरोना से बचाव के सभी निर्धारित आवश्यक उपायों पर अमल किया जाए।

सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जाएंगे

सभी को रोजगार देना सरकार की उच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोजगार के अवसर सृजित करने संबंधी बैठक ली

भोपाल : शुक्रवार, नवम्बर 20, 2020, 20:09 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जाकर सभी को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह शासन की उच्च प्राथमिकता का विषय है। सभी शासकीय रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी। सभी विभाग अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने संबंधी कार्रवाई तत्परता से करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में रोजगार के अवसर सृजित करने संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया जा चुका है। इसमें रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है तथा इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ‘लोकल को वोकल’ बनाना है।

नक्सल समस्या का समाधान रोजगार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नक्सल समस्या का सबसे बड़ा समाधान रोजगार है। इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सरकार विशेष योजना बना रही है। मनरेगा आदि के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।

पर्यटन से रोजगार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यटन से रोजगार के विशेष अवसर हैं। इसके लिए ‘बफर में सफर’, ‘जंगल सफारी’, ‘धार्मिक पर्यटन’, ‘ग्रामीण पर्यटन’, ‘जल पर्यटन’ आदि को बढ़ावा दिया जाएगा।

उद्योगों को बढ़ावा

प्रदेश में छोटे एवं मझोले उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में इन उद्योगों के कम से कम 10 एकीकृत क्लस्टर अगले 3 साल में निर्मित करेंगे। प्रदेश में ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ की व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

स्व-सहायता समूहों का महाअभियान

प्रदेश में स्व-सहायता समूहों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के लिए महा अभियान के रूप में कार्य किया जा रहा है। कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

नवीन खदानों का शीघ्र आवंटन करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि खनिज क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार के लिए नवीन खदानों का शीघ्र आवंटन करें। जितनी खदानें चालू की जा सकती हों की जाएं।

गो-संवर्धन से रोजगार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गो-संवर्धन के माध्यम से रोजगार की अत्यधिक संभावनाएं हैं। गो-दुग्ध उत्पादन, गो-काष्ठ तथा अन्य संबंधित उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए।

वनोपज एवं खाद्य प्रसंस्करण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वनोपज एवं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से भी रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।

‘एक जिला एक पहचान’ योजना

एक जिला एक पहचान योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले के एक उत्पाद के उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करें कि उनके विभाग से संबंधित गैर सरकारी क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने की क्या योजना है।

अब एमपी ऑनलाईन से बिजली बिल भुगतान करने पर नहीं लगेगा सुविधा शुल्क

भोपाल : शुक्रवार, नवम्बर 20, 2020, 14:46 IST

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के ऐसे उपभोक्ता जो एमपी ऑनलाईन के माध्यम से बिजली बिल भुगतान करते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें एमपी ऑनलाईन के माध्यम से बिजली बिल भुगतान करने पर सुविधा शुल्क नहीं देना होगा। अभी सुविधा शुल्क बिल की राशि के अनुसार पॉंच अथवा दस रूपए एम.पी. ऑनलाईन द्वारा ली जाती थी।

गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर एमपी ऑनलाईन द्वारा वॉलेट सिस्टम का क्रियान्वयन कर बिजली बिलों के भुगतान के लिए उसमें अग्रिम रूप से कंपनी के खाते में 60 लाख रूपये की राशि जमा की है। इसी परिप्रेक्ष्य में निर्णय लिया गया है कि अब एमपी ऑनलाईन के पोर्टल एवं कियोस्क के माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करने पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त सुविधा शुल्क नहीं लिया जाएगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली बिल भुगतान के लिये एक बेहतर विकल्प के तौर पर एमपी ऑनलाईन पोर्टल एवं कियोस्क के माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करें। गौरतलब है कि एमपी ऑनलाईन के कियोस्क हर गांव, कस्बों से लेकर बड़े-बड़े शहरों में मोहल्ले-मोहल्ले में स्थापित हैं। बिजली उपभोक्ता इन कियोस्क पर जाकर आसानी से बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिये बिजली बिल का भुगतान कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने की आमजन से सतर्कता बरतने की अपील

भोपाल : शुक्रवार, नवम्बर 20, 2020, 20:25 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मप्र सहित देश के कुछ राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के मद्देनजर मध्यप्रदेश में आवश्यक एहतियात बरतने की अपील आम जनता से की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नागरिक, कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करें। मास्क का आवश्यक रूप से उपयोग करें। बार-बार साबुन से हाथ धोएं सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखे और अपनों के लिए, स्वयं के लिए और राष्ट्र के लिए संवेदनशील रह कर कोरोना वायरस से बचाव के प्रति सजग, सतर्क बने रहें।

जैन धर्म और जैन तीर्थंकर लास वेगास अमेरिका में विख्यात और धूम व गूंज

jain-god-sculpture-istock-1189895794.jpg ‘A Major Contribution’
By Shelly Leachman
Monday, November 16, 2020 - 06:00
Santa Barbara, CA
Adding an important layer to an already robust and well-regarded program, a trio of generous donors has teamed to support research and teaching in Jain studies within the UC Santa Barbara Department of Religious Studies.

The Bhagvan Vimalnath Endowed Chair in Jain Studies was established through a $1 million joint gift from Drs. Meera and Jasvant Modi via the Vardhamana Charitable Foundation; Mrs. Rita and Dr. Narendra Parson via the Narendra and Rita Parson Family Trust; and Mrs. Raksha and Mr. Harshad Shah via Shah Family Foundation.

“The most effective way of helping mankind, climate change and all forms of life is by spreading the principles of non-violence, giving and showing respect for all opinions. Support and creation of an endowed chair in Jain studies ​is the most effective way to achieve this goal,” the donors said in a joint statement. “UC Santa Barbara is a prestigious place and more important, it has an effective model to achieve our goals. This new position will make Ahimsa, Aparigraha and Anekantvad principles better known in the mainstream — and this will benefit us all.”

The new gift builds on prior philanthropy from the Modis and the Parsons, in partnership with the Jain Center of Southern California and the Jain Temple of Los Angeles, to establish UC Santa Barbara’s Bhagvan Vimalnath Lectureship in Jain Studies and South Asian religions. The study of South Asian religious traditions is a core strength of UCSB’s religious studies department, which focuses on comparative study of religions from a secular approach.

Noted Chancellor Henry T. Yang, “Our UC Santa Barbara Department of Religious Studies, founded more than half a century ago, is recognized as one of the best in the world. We are tremendously grateful for the generosity of Drs. Meera and Jasvant Modi, Mrs. Rita and Dr. Naredra Parson, and Mrs. Raksha and Mr. Harshad Shah to establish the Bhagvan Vimalnath Endowed Chair in Jain Studies, which will help us to advance Jain and South Asian studies, an exciting and increasingly important field, at UC Santa Barbara.”

The chair holder will support the graduate program and develop and teach undergraduate and graduate courses on Jainism, including exploration of Ahimsa (nonviolence), Aprigraha (non-attachment/non-possessiveness) and Anekantavaad (plurality of views and beliefs) — the principles of Jainism — and their import and implication for modern society. Students will be engaged to explore the practical significance of such principles for enduring peace, social harmony and ecological sustainability.

“We are so pleased that this generous gift will allow our faculty and our students to explore the history, beliefs and practices of Jain traditions within the context of South Asian religions,” said John Majewksi, the Michael Douglas Dean of Humanities and Fine Arts. “The fundamental tenets of Jainism — including a commitment to peace, non-violence, education and enlightenment — are of increasing relevance to our students and the wider world. We are excited that these funds will support innovative new courses, path-breaking interdisciplinary research, significant national and international conferences, and important public programming.”

With a goal to create a visionary program that will be a national and international model, the new position also will enable academic investigation of the many ways in which Jainism has been integral to South Asian and transnational religious histories. The chair holder will support and train innovative scholars in the fields of Jain studies and South Asian religions, including language instruction in Sanskrit and Prakrit, while simultaneously making UCSB the programmatic center for an emerging network of scholars in the field.

“This new endowed chair will be a major contribution to the Department of Religious Studies,” said professor and department chair Fabio Rambelli. “Not only will it strengthen our South Asian component by adding Jain studies to our program — the richness of the Jain tradition, with its focus on radical nonviolence and pluralism, extends well beyond narrow definitions of religion to issues that are very important for us here today, such as environmental justice, business ethics and sustainable lifestyles. As such, I expect that the future holder of the Bhagvan Vimalnath Endowed Chair in Jain Studies will bring a significant contribution to broader conversations on campus and in our community.”

Contact Info:
Shelly Leachman
(805) 893-8726
shelly.leachman@ucsb.edu

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