Sunday, November 22, 2020

ग्वालियर-चम्बल संभाग के सभी गाँवों में सन 2023 से पहले मिलेगा नल से जल

भोपाल : शनिवार, नवम्बर 21, 2020, 18:22 IST

प्रदेश की ग्रामीण आबादी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान न हो इस दिशा में सरकारी प्रयास तेजी से जारी हैं। जहाँ जलस्त्रोत हैं, वहाँ उनका समुचित उपयोग कर आसपास के ग्रामीण रहवासियों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल प्रदाय किया जायेगा। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्त्रोत नहीं हैं वहाँ यह निर्मित किए जायेंगे। कोई भी ग्रामीण रहवासी पेयजल के लिए परेशान नहीं हो यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से अगले तीन सालों (2023 तक) में पूरा करने का लक्ष्य है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्वालियर-चम्बल संभाग के ग्वालियर, गुना, अशोकनगर तथा भिण्ड जिले में 134 ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं हेतु 137 करोड़ 18 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मैदानी अमले द्वारा जल जीवन मिशन के मापदण्डों के अनुसार प्रकिया प्रारम्भ की जा रही है।

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश की समग्र ग्रामीण आबादी को घरेलू नल कनेक्शन से पेयजल की आपूर्ति किए जाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरचनाओं की स्थापना एवं विस्तार के कार्य किए जा रहे हैं। इनमें ग्वालियर जिले की 66, गुना 22, अशोकनगर 20 तथा भिण्ड की 26 जल संरचनायें शामिल हैं। इन जिलों के विभिन्न ग्रामों में पूर्व से निर्मित पेयजल अधोसंरचनाओं को नये सिरे से तैयार कर रेट्रोफिटिंग योजना के अन्तर्गत कार्य किया जा रहा है।

बिजली कंपनी के ठेके पर काम करने वाले आउटसोर्स कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को अब दो लाख रू तक अविद्युतीय दुर्घटना पर भी सहायता मिलेगी

भोपाल : शनिवार, नवम्बर 21, 2020, 18:52 IST

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले के अंतर्गत उन्हें बाहरी एजेंसी का व्यक्ति मानते हुए कार्य के दौरान अपरिहार्य अविद्युतीय दुर्घटना (यथा कार्य के दौरान पोल/सीढ़ी से फिसल कर गिरना/चोट लगना/कंपनी के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने) से प्रभावित होने पर भी उन्हें विद्युत दुर्घटना में प्रभावित बाहरी व्यक्तियों के समकक्ष विद्युत दुर्घटना में मिलने वाली आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी।

इस फैसले के अंतर्गत यदि कोई आउटसोर्स एजेंसी का कुशल अथवा अकुशल श्रमिक कार्य के दौरान मृत हो जाता है तो उसके परिवार अथवा निकटतम वारिस को 4 लाख की आर्थिक सहायता बिजली कंपनी द्वारा दी जाएगी। इसी प्रकार विद्युत दुर्घटना में 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत विकलांगता की अवस्था में वित्तीय सहायता के रूप में 59 हजार 100 रुपये, 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री चौहान 23 नवम्बर को स्व-सहायता समूहों के खातों में डालेंगे 150 करोड़ रूपये

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ‘सशक्त महिलाएँ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के क्रम में 23 नवम्बर को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को 150 करोड़ रुपये का बैंक ऋण वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान विभिन्न जिलों के हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। इस वर्चुअल कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया और राज्य मंत्री श्री राम खेलावन पटेल भी सम्मिलित होंगे।

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में‍निवासरत निर्धन परिवारों की महिला सदस्यों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण किया जा रहा है। आमतौर पर देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग बैंकिंग सेवाओं की प्रक्रियाओं में दस्तावेजीकरण व अन्य औपचारिकताओं की कठिनाई के कारण पात्र होने के बावजूद योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। राज्य सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को और सरल करने के उद्देश्य से बैंकों के साथ भी व्यापक स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है। अब स्व-सहायता समूहों को आसानी से ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 20 सितम्बर 2020 को 150 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में समूहों को वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि समूह के बैंक ऋण प्रकरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्तुत करने के साथ-साथ सघन निगरानी एवं पारदर्शी प्रक्रिया बनाई गई है। समूहों को वार्षिक बैंक ऋण वितरण का लक्ष्य बढ़ाकर 1400 करोड़ किया गया है। अब तक आजीविका मिशन के माध्यम से 33 लाख से अधिक ग्रामीण निर्धन परिवारों को 3 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जोड़कर 1865 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

गोपाष्टमी के अवसर पर गो-अभ्यारण्य सालरिया में गो-पूजन करेंगे, मुख्यमंत्री चौहान 22 नवम्बर को गो-कैबिनेट की पहली बैठक लेंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में गो-संरक्षण एवं गो-संवर्धन के लिए गठित की गई गो-कैबिनेट की पहली बैठक 22 नवम्बर गोपाष्टमी को प्रातः 11 बजे भोपाल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री चौहान आगर-मालवा ज़िले के सालरिया गो-अभ्यारण्य जाकर वहां गो-पूजन करेंगे तथा वहां गो-संगोष्ठी में देशभर के गो-विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री चौहान दोपहर 12.50 बजे भोपाल से प्रस्थान कर 1.30 बजे सालरिया पहुंचेंगे तथा वहां कार्यक्रम में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान सायं 5 बजे सालरिया से प्रस्थान कर 5.40 पर भोपाल वापस आएंगे।

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