Friday, November 27, 2020

मध्यप्रदेश में स्व सहायता समूह को क्षमता अनुसार मिलेगा कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों की गणवेश प्रदाय का आर्डर

मंत्रि-परिषद ने सभी ऐसे जिले, जहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास एवं नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत क्रियाशील एवं सक्षम स्व-सहायता समूह हैं, को उनकी क्षमता के अनुरूप गणवेश प्रदाय का आर्डर दिये जाने का निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह द्वारा कक्षा एक से 8 तक के अनुरूप 3 माह के भीतर स्टेंडर्ड साइज की यूनिफार्म उपलब्ध कराई जायेगी।

म प्र में नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के संबंध में आवश्यक संशोधन….पढ़ें वरना नहीं मिलेगी मान्यता , अमान्य हो जायेगा सर्टीफिकेट व डिग्री

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में संचालित नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के संबंध में नवीन मान्यता, नवीनीकरण एवं सीट्स वृद्धि की मान्यता में शैक्षणिक सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में की गई कार्यवाहियों में नियमों से संबंधित व्यवहारिक समस्याएँ उद्भूत हुईं, जिन्हें उदाहरण स्वरूप- एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम हेतु न्यूनतम 50 बिस्तरों का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल अनिवार्य किया जाना, किसी चिकित्सालय द्वारा पैरेन्ट हॉस्पिटल के रूप में एक ही नर्सिंग संस्था को संबद्ध करना, वर्ष 2013 के बाद नवीन नर्सिंग संस्था प्रारंभ करने के लिये स्वयं का 100 बिस्तरीय अस्पताल होना एवं नर्सिंग संस्थाओं द्वारा ब्लॉक/जिला परिवर्तन करने पर नवीन संस्था के रूप में आवेदन किया जाना आदि निर्णयों के रूप में समाधान के लिये मध्यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण मान्यता नियम, 16 अक्टूबर, 2018 एवं 23 सितम्बर, 2019 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।

Thursday, November 26, 2020

कांग्रेस में अस्तित्व अस्मिता और वर्चस्व की जंग शुरू , अब कांग्रेस के ताबूत में अंतिम कील ठोकेंगें कांग्रेसी

नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनंद'’
अहमद पटेल के निधन से जहां कांग्रेस को एक अहम व खासी क्षति हुई है तो वहीं म प्र. कांग्रेस में उपचुनाव का उत्तर कांड शुरू हो चुका है , नेताओं में जंग छिड़ चुकी है , अस्तित्व और अस्मिता के साथ वर्चस्व की लड़ाई है , जिलाध्यक्ष की हैसियत और ताकत व औकात बताने में जिलाध्यक्ष जुटे हैं , बरसों बरस से अपराजेय और कांग्रेस की जड़ों में दशकों से अपना खून सींच रहे और दिग्विजय सिंह सरकार से लेकर कमलनाथ सरकार तक में मंत्री रहे , डॉ गोविन्द सिंह को भिंड के जिलाध्यक्ष जय श्रीराम बघेल ने कांग्रेस से निकाले जाने की मांग का प्रस्ताव पारित कर दिया है तो वही बाकी जिला कांग्रेस कमेटी भिंड ने जिला उपाध्यक्ष से लेकर कार्यकर्ताओं तक सभी ने जिलाध्यक्ष जय श्रीराम बघेल के बयान का खंडन कर दिया है और कहा है कि मेहगांव में कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे की हार की समीक्षा अवश्य की गयी है और वहां न तो कोई भी प्रस्ताव पारित किया गया और न डॉ गोविंद सिंह की भूमिका पर कोई चर्चा वहां हुई ।
कांग्रेस की सियासी रंगत म प्र. में नजर आने लगी है ।
जय श्रीराम बघेल उस समय के कांग्रेस अध्यक्ष हैं जब ग्वालियर चम्बल में कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियां केवल और केवल मात्र सिंधिया जी के चमचों की ही हुआ करतीं थीं । बेशक इसी को यूं कहा जा सकता है कि कांग्रेस में सिंधिया जी की बी टीम सदस्य हैं जय श्री राम बघेल ।
बेशक ही हमें व्यक्तिगत काफी जिल्लत और परेशानी उठानी पड़ी थी कांग्रेस ( कमलनाथ) सरकार के समूचे कार्यकाल में , और शायद हमसे ज्यादा दोयम दर्जे का बर्ताव और व्यवहार इस कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसी और से हुआ भी नहीं होगा तथा हमारे पूरे जीवन काल में ऐसे बुरे दिन हमने कभी देखे भी नहीं ।
बेशक हम कमलनाथ सरकार के खिलाफ ही रहे और उन दिनों के अनुभव के चलते रहेंगें भी । मगर सवाल यह है कि अगर हम यह मान भी लें कि उस समय सिंधिया की वजह से हमारे साथ गलत हो रहा था और सिंधिया हावी थे , तो अब क्या बात हुई कि अब जब सिंधिया कांग्रेस में नहीं हैं और फिर भी कांग्रेस के टिकिट गलत बंट गये , बिल्कुल उसी तरह जैसे पहले बंटते थे । अब कौन सिंधिया है कांग्रेस में , अब कौन टिकट बेच गया कांग्रेस के ।
अब कैसे विश्वास किया जाये कि कांग्रेस ठीक और दुरूस्त हो गयी है या हो रही है , जब तवा गरम देख कर अपनी अपनी रोटी सेंकने की कोशिश हो रही है ।
कांग्रेस में ठाकुरों को तो बुरी तरह से ग्वालियर चम्बल में ठिकाने पहले से ही लगा दिया गया है । और अब गोविंद सिंह को भी पटकने की कोशिश की जा रही है जो कि इस समय चम्बल और ग्वालियर में कांग्रेस के एकमात्र प्रभावी ठाकुर नेता , हालांकि डॉ गोविंद सिंह ने कहा है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष जय श्रीराम बघेल बहुत बड़े नेता हैं , वे कुछ भी कर सकते हैं , वे कांग्रेस से निकाल भी सकते हैं । मैं एक छोटा मोटा कांग्रेसी हूं , वे मुझे कुछ भी सजा सुना सकते हैं ।
बचे हैं , तो इसे क्या कांग्रेस के ताबूत में अंतिम कील ठोकना माना जाये वह भी उस सूरत में जबकि सब जानते हैं , ग्वालियर चम्बल राजपूताना बेल्ट है और बगैर राजपूतों के यहां किसी भी राजनैतिक दल की दाल नहीं गल सकती ।
यही एक वजह है कि राजपूतों का झुकाव अपने आप ही भाजपा के केन्द्रीय मंत्री और मुरैना सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर की ओर हो गया और कभी कांग्रेस का गढ़ रहा ( स्व अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में ) आज वही ग्वालियर चम्बल भाजपा का गढ़ बन गया …… सोचो प्यारे जरा दिल से और दिमाग से , सोचोगे तो सब समझ आ जायेगा , वरना मुर्दो को चोट नहीं लगा करती

Wednesday, November 25, 2020

सहालगों और देवठान का गठबंधन सदियों से सर्दियों में शादीयों में ( हास्य - व्यंग्य )

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लेखक - जितेन्द्र विक्रम सिंह तोमर ( जितेन्द्र सिंह तोमर’ ५२ से )
“उठो देव-बैठो देव” से लेकर ‘कान पकड़ उठा बैठक ‘करने की स्तिथि तक आने को “सहालग” कहते हे। अर्थात ‘देवोत्थानी एकादशी से देवशयनी एकादशी मध्य का समय …!
पता ही नहीं चलता कब कोनसे फूफा ओसारे की टूटी खाट पर पड़े पड़े राजपाल यादव से अर्जुन रामपाल बनने की कोशिश में जॉनी लीवर बने नजर आ जाए !

कुवारों-कुंवारियों के सावन के सोमबार से नवरात्रि तक किये अनगिनत उपवासो का फल कब प्रतिफल बन ‘फलदान’ का समय ले आये!भोजाइया दवे होंठो से ननद-देवरो को टटोलने लगती हे की ‘द्वार रुकाई-काजल लगाई जेसी नेग भरी रश्मो में क्या मांग रखेंगी !
अब आधुनिक समय हे जियो के साथ वीडियो व्हाट्सऐप वीडियो पर विवाह से पूर्व ही भविष्य के युगलों में 33 psi दबाब से ट्युव ब्रस्ट होने तक की योजनाये क्रियांवन होने लगी हे ।
एकाएक लड़को का रुझान ‘करामाती पेय’ की दुकानों से सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों की तरफ बड़ जाता हे।कोई कोई तो देशी ‘नीबू नमक’-'मुल्तानी मिटटी’ के उप्टन लगाकर घरवालो के लिए “भोंपा से पहले ही झोंटा” दिखने लगते हे ।
लड़कियो के फेसबुक अकाउंट एकाएक दिल्फ्टी शायरियों को त्याग ‘महादेव भक्ति’ की ओर उन्नत्ति से बढ़ने लगते हे।अब उन्हें बालो, चालो,फेसपेको,व्यूतिटिप्सो को सर्च करते हुए देखा जा सकता हे।हालांकि दिन रात मोबाइल बार्तालापो में रत रहकर सप्ताह में एक बार ही स्नान कर पाती हे।जो सारे गांव शहर में तितली बन स्वतन्त्र विचरण किया करती थी विवाह से पूर्व ‘धुप से दुश्मनी’ बना लेती की कही आगामी निखार की जगह “सुन्न भूरि” न हो जाए ! devthan-4.jpg

सहालग के समय में जहां घरवालो पर आर्थिक दबाब बनता हे बही हलवाइयों के क्लछो,डोंगो,पतीलो,चमचो की काया का पुनर्जन्म हो जाता हे।टेंट बालो का नास्ता कम भाव ज्यादा बड़ जाता हे और दूधियों के दूध में दूध कम पानी ज्यादा पाया जाता हे ।

एक से दशक पुरानी हुई भोजाई रूपी हबेलियो पर एकाएक पुन नई दुल्हन सा दिखने का संक्रमण दिखेगा जिसे एशियन पेंट से पुताई कर बन-ठन किया जाएगा किन्तु पेट की बड़ी हुई चर्वी और साढे तीन पसली से डेड पसली पर आये फिगर को शायद ही कोई युक्ति पूर्ण कर पाये !

बड़े भाइयो बड़ी बुरी हालत होती हे इस सहालग में रूठे फ़ूफा से लेकर रूठी बीबियो की मनोती मुंनब्बल करते करते उन्हें पता ही नहीं चलता की कब दर्जी मास्टर ने पतलून का साइज छोटा सिल दिया या शेरवानी को मुशक महाराज सुभह के नाश्ते में रोशदान बना गए ! devthan-2.jpg

सहालग में असली आनन्द तो जो दूल्हा दुल्हन से छोटे होते हे उनका होता हे।दुल्हन की बहिनो के मन में दूल्हे को फूल फेंक कैसे मारा जाए जो दूल्हे के भाई की मुंडी से टकराये की जुगाड़ में समय निकलता हे तो दूल्हे के भाई काले सूट बाली को ताड़ूँगा या पिले बाली को ताड़ूँगा में बीत जाता हे।हालाँकि घुड़चढ़ी में करामाती पेय के साथ तालमेल बनाते हुए ऐसे नागिन बनते हे की पहने हुए ब्लेजर का और नाली में भेद फोरेंसिक लेव भी न कर पाये हालाँकि नाचते हुए दूल्हे को धक्का दे खुद घोड़ी की लगाम और रकाव थामने की तमन्ना थी ।

किसी किसी वारात् में फूफा के बाद कोई रुठने बाला व्यक्ति होता तो बह होते हे दूल्हे के बहिनोइ जिन्हें उनकी ससुराल बालो ने ‘रसगुल्ला दिखाकर दहिबढ़ा’ टिका दिया था हालाँकि बरात के खजांची भी यही होते हे और अपना दायित्व निभाते निभाते खुन्दक निकालते हे राइफल पर पूरा बिलडोरिया फूँक खुद को प्राप्त रसगुल्ले और दहीबड़े का घाटा पूरा करने की कोशिश करते हुए देखे जाते हे ।

लड़कियो बालो की तरफ से कुछ लड़के ऐसे भी निस्वार्थ सेवाभावी होते हे जो दौड़ दौड़ कर पानी से लेकर आसमानी पानी तक की व्यवस्था में लगे रहते हे। वास्तविकता में बो विवाह रूपी टूर्नामेंट के नॉकआउट से लेकर सेमीफाइनल तक प्रतियोगिता में रेफरी द्वारा मण्डप रूपी स्टेडियम से बाहर कर दिए गए होते हे।हालाँकि वारात् के स्वागत से लेकर दुल्हन बिदाई तक टकटकी बाँध दूल्हे की तरफ ऐसे देखते रहते की कह रहे हो “बेटा सेमीफाइनल तक हम भी खूब लोफ्टेट शॉट लगाये थे पर बाउंड्री बाल पर अंकल द्वारा कोट इन बोल्ड हो गए थे!,जाओ ले जाओ हमारी ‘ख़ुशी’ को ईश्वर करे तुम ससुरे दिन रात चोका-बर्तन करो,अब कुछ दिन बाद मामा बनने का इन्तेजार हम न करेंगे-अबकी सहालग में हम भी विवाह करेंगे!”

इन सबसे हटकर समधी (वरपक्ष)की विवाह तन्द्रा भंग जब होती जब अंग्रेजी यूनिफॉर्म में ‘रट्टी बेंड’ का बैज लगाये कोई देशी बन्दा कहता हे की “लो आपके बाजे बज गए अब हमारे पैसे दो..!”

तो मित्रो इस ‘उठो देव बेठो देव ‘से कान पकड़ उठा बैठक करने की सहालग रूपी सौगात पर बफर में ऐंठन भरी पूड़ियों जेसी शुभकामनाये …..
और नागिन डांस से तिगनी नाच तक की शुभकामनाओ युक्त सांत्वनाये ।

अंततः देवोत्थान पर पुरोहितो द्वारा पूजा में गाये गए कवित्त का भी उल्लेख कर दू

उठो देव बैठो देव बाह्मनिया चट्काओ देव
क्वारन के विहाह करो,गौने करो,चाले करो !
काशी जाओ,प्रयाग जाओ,मथुरा-वृन्दावन जाओ,……चले जाओ बटेश्वर नाथ को ..!!

उज्जैन संभाग हेतु मंडल प्रशिक्षण वर्ग को लेकर भाजपा की संभागीय बैठक सम्पन्न

20201124_160946.jpg भारतीय जनता पार्टी द्वारा भाजपा लोकशक्ति कार्यालय पर मंडल प्रशिक्षण वर्ग को लेकर संभागीय बैठक आयोजित की गई । बैठक को प्रशिक्षण वर्ग के प्रदेश प्रभारी श्री विजय दुबे, प्रदेश सह प्रभारी श्री पंकज जोशी ने संबोधित किया ।
भाजपा सह मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा के अनुसार प्रशिक्षण वर्ग की तैयारियों को लेकर संभागीय बैठक में प्रशिक्षण वर्ग के प्रदेश प्रभारी श्री विजय दुबे ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित दल है। कार्यकर्ता लगातार प्रशिक्षण के माध्यम से परिष्कृत होता है। इस दृष्टि से प्रशिक्षण वर्ग पार्टी का सबसे महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान से मंडलों के कार्यकर्ता प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। श्री दुबे ने संभाग के जिलों के प्रशिक्षण प्रभारीयों की नियुक्ति की जिसमें देवास में श्री जगदीश अग्रवाल, नीमच शाजापुर में श्री श्याम बंसल, श्री विशाल राजोरिया, रतलाम में श्री अनिल जैन कलुहेड़ा, आगर श्री राजेश यादव, उज्जैन ग्रामीण श्री सुरेश जी आर्य, मंदसौर में श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, उज्जैन नगर में श्री कैलाश चावला , श्री कल्याण शिवहरे व संभाग समन्वयक के रूप में श्री अमित श्रीवास्तव की नियुक्ति की गई है ।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण वर्ग के प्रदेश सह प्रभारी श्री पंकज जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण जीवन का अभिन्न अंग और सतत चलने वाली प्रक्रिया है। प्रशिक्षण से कार्यकर्ता अपनी योग्यता को निखारता है। आने वाले दिनों में मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होंगे, जिसमें हजारों कार्यकर्ता प्रशिक्षित होंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से हर कार्यकर्ता वैचारिक तौर पर मजबूत होंगे। साथ ही पार्टी और हमारी सरकार की उपलब्धियों को नीचे स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। 2 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग 27 नवंबर से 15 दिसम्बर के बीच में पूर्ण करना है । कोरोना परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में दो गज की दूरी व मास्क का उपयोग अनिवार्य रहेगा । बैठक में प्रमुख रूप से स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार, नगर अध्यक्ष श्री विवेक जोशी, ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला सहित संभाग के अपेक्षित नेतागण उपस्थित रहे । बैठक का संचालन श्री अमित श्रीवास्तव ने किया ।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जेहाद: SDM को डिमोशन करके बना दिया तहसीलदार, एक और अपर आयुक्त, एस डी एम, तहसीलदार, आर आई और लेखापाल भी इसी लाइन में

chief_minister_yogi_adityanath__1604739968.jpg भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के तहसील सरधना में तैनात रहे उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र सिंह को डिमोशन करके तहसीलदार के पद पर भेजने का आदेश दिया है। कुमार भूपेन्द्र वर्तमान में मुजफ्फरनगर जिले में तैनात हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेरठ के ग्राम शिवाया, जमाउल्लापुर, परगना दौराला, तहसील सरधना के राजस्व अभिलेखों में पशुचर के रूप में दर्ज 1.5830 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2013 में निजी बिल्डर को आवंटित कर दिया गया था।इसकी शिकायत के बाद जांच हुई। वहीं वर्ष 2016 में जबकि एसडीएम के रूप में भूपेंद्र तैनात थे, तब भूपेंद्र ने सरकार के हितों की उपेक्षा करते हुए, निजी हितों की पूर्ति के लिए सम्बंधित पक्षों से मिलीभगत कर रेवन्यू कोर्ट मैनुअल के खिलाफ अगस्त 2016 में अमलदरामद का आदेश पारित कर दिया था। शासन ने इसे कदाचार मानते हुए इन्हें डिमोशन करने का आदेश दिया है। मामले में दोषी एक अन्य तत्कालीन एसडीएम, एक अपर आयुक्त, एक तहसीलदार (अब सेवानिवृत्त) एक राजस्व निरीक्षक व एक लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

Tuesday, November 24, 2020

न्याय विभाग भारत सरकार का वेबिनार 26 नवम्बर को , एडवोकेटस होंगें शामिल , न्याय बंधु – प्रोबोनो लीगल सर्विस अब 26 से उमंग एप्प पर भी उपलब्ध होगी

वेबिनार में भारत के सभी 197 न्यायबंधु होंगें शामिल , ग्वालियर हाईकोर्ट क्षेत्र तथा अधीनस्थ सभी न्यायालयों के लिये इकलौते न्यायबंधु एडवोकेट नरेन्द्र सिंह तोमर होंगें वेबिनार में शामिल
ग्वालियर / मुरैना 24 नवम्बर 2020 , न्याय विभाग भारत सरकार की ओर से प्रोबोनो लीगल सर्विसेज ( न्याय बंधु ) में कार्य कर रहे भारत के सभी 197 एडवोकेटों को ई मेल भेजकर अवगत कराया गया है कि उनके लिये न्याय विभाग भारत सरकार द्वारा एक अत्यंत उपयोगी व महत्वपूर्ण वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है , न्याय विभाग सभी प्रकार के न्याय संबंधी तथा इन्नोवेटिव कार्यों हेतु नोडल एजेंसी है । तथा सभी उच्च न्यायालयों के तथा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को नियुक्त करने / हटाने से लेकर न्याय बंधु / न्याय मित्र आदि कार्यों को एकलित व संकलित करने , सूचीबद्ध करने , न्यायालयों के आधुनिकीकरण आदि सभी कार्यों को करता है ।
न्याय बंधुओं ( प्रोबोनो लीगल सर्विसेज , नालसा – नेशनल लीगल सर्विसेज अथारिटीज एक्ट – 1987 के तहत कार्यरत ) के लिये आयोजित इस वेबिनार में न्याय बंधुओं से उनके विचार, अनुभव , सलाह परामर्श आमंत्रित किये गये हैं । जिस सब पर यह वेबिनार केंद्रित होगा । इसके साथ ही आगे भविष्य में भी ऐसे वेबिनार आयोजित किये जाते रहेंगें ।
सभी न्यायबंधुओं ( प्रोबोनो लीगल सर्विसेज ) को भारत के संविधान की प्रस्तावना भी भेजी गयी है उस पर सभी न्याय बंधुओं के विचार व अनुभव भी आमंत्रित किये गये हैं ।
अब इस वेबिनार के साथ ही 26 नवम्बर से न्याय विभाग भारत सरकार की मोबाइल और वेब एप्लीकेशन न्याय बंधु ( प्रोबोनो लीगल सर्विसेज ) जो कि अभी तक प्ले स्टोर से डाउनलोड करना पड़ती थी , यह एप्लीकेशन अब उमंग एप्प में ही उपलब्ध रहेगी जिसे आसानी से न्यायबंधु तथा , विधिक सहायता के पात्र सभी हितग्राही बहुतायत से उपयोग कर सकेंगें और न्यायालयीन कार्य संपादित कर सकेंगें ।
उल्लेखनीय है कि प्रोबोनो लीगल सर्विसेज ( न्याय बंधु ) को न्याय विभाग भारत सरकार द्वारा सन 2017 में शुरू किया गया था । तब से यह सेवा निरंतर उत्तरोत्तर कार्यरत है और न्यायबंधुओं द्वारा अनेक न्यायालयों में प्रकरण इस सेवा के तहत निराकृत कराये ।

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